शनिवार, 31 जुलाई 2021

शनि देव जी की आरती | Shani Dev Ji ki aarti hindi lyrics

Shani Dev ji ki aarti

शनि देव जी की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव....


श्याम अंग वक्र-दृ‍ष्टि चतुर्भुजा धारी।
नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव....


क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव....


मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव....


देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव....


यदि आप शायरी, चुटकुले और कहानियॉ लिखने का शौक रखते हैं और आप चाहते हैं की आपका लिखा लेख आपके नाम के के साथ meridiaryse.com वेबसाइट पर प्रकाशित हो, तो कृप्या अपना लिखा हुआ लेख support@meridiaryse.com पर अपने नाम के साथ भेजें।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Thank You

MeriDiary Se

Get the latest Hindi Shayari, quotes, stories and jokes with text and image format at Meri Diary Se. Which you can share on your social media account. If you are fond of writing, you can get your article published with your name.




संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *